बिलासपुर: पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास को समर्पित पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति, बिलासपुर द्वारा गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सम्मान, विचार एवं काव्य गोष्ठी का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम डाॅ विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ गोपालगंज, बिहार) के मुख्य आतिथ्य, रमेश चन्द्र श्रीवास्तव (आईएसएस) की अध्यक्षता तथा डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे और अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले अब्बास भाई को शाल, श्रीफल एवं मोमेंटो भेंट कर “श्रेष्ठ उद्यान मित्र सम्मान” से सम्मानित किया गया।
स्वागत उद्बोधन में समिति अध्यक्ष डाॅ विवेक तिवारी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब्बास भाई ने अपने निवास में अत्यंत सुंदर उद्यान विकसित कर देशी-विदेशी पुष्प प्रजातियों का संरक्षण एवं संवर्धन किया है। उनका पूरा उद्यान रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से आच्छादित है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्य अतिथि डाॅ विनय कुमार पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि बढ़ते शहरी प्रदूषण और महंगाई के दौर में किचन गार्डन एवं घरेलू उद्यान अपनाना समय की आवश्यकता है। ऐसे प्रयास न केवल पर्यावरण को संजीवनी देते हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने अब्बास भाई को उनके सराहनीय योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे और अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मान प्राप्त करते हुए अब्बास भाई ने कहा कि उन्हें फूलों और पौधों से विशेष लगाव है और वे पूरे परिवार के साथ उनकी सेवा करते हैं। उनकी कामना है कि प्रत्येक घर में ऐसा ही सुगंधित उद्यान विकसित हो, जिससे पर्यावरण और जीवन दोनों सुंदर बनें।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित गणतंत्र दिवस एवं पर्यावरण विषयक काव्य गोष्ठी में डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे, डाॅ विवेक तिवारी, राम निहोरा राजपूत, सनत तिवारी, राजेश सोनार, डाॅ शत्रुघन जेसवानी, सुखेन्द्र श्रीवास्तव, अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर, डाॅ अंकुर शुक्ला, अमोघ शुक्ला, अनाया शुक्ला, वीणा शुक्ला, शीतल प्रसाद पाटनवार एवं बालगोविन्द अग्रवाल ने देशभक्ति से ओतप्रोत कविताओं का सशक्त पाठ कर वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।
कवि सम्मेलन का संचालन डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन बालगोविन्द अग्रवाल ने किया।














