बिलासपुर: GGU की राष्ट्रीय पहचान में एक और सितारा

भारतीय ज्ञान परम्परा के आलोक में नए शिक्षा युग की शुरुआत

भारतीय ज्ञान परम्परा की दमक के साथ शिक्षा क्रांति की ओर विश्वविद्यालय का आत्मविश्वासी कदम

बिलासपुर। शिक्षा की नई परिभाषा लिखने की दिशा में गुरू घासीदास विश्वविद्यालय एक दृढ़ और ऐतिहासिक कदम बढ़ा चुका है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के सफल क्रियान्वयन को लेकर यहां बुधवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। महत्वपूर्ण बात यह कि IQAC एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला, GGU की शैक्षणिक नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को प्रमाणित करती है।

सभागार की हर कुर्सी, हर दिवार, हर छात्र की आंखों में एक ही भाव था:
बदलाव अब किताबों में नहीं, कैम्पस में लिखा जाएगा।

मुख्य अतिथि श्री अतुल कोठारी ने घोषणा-सी लहजे में कहा कि NEP 2020, विश्व में भारत की शिक्षा पहचान को प्रमाणिकता देने वाला परिवर्तन है और GGU उस परिवर्तन का अग्रिम मोर्चा बनकर उभर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यहां ज्ञान नहीं, संस्कारों का उत्कर्ष दिखता है।

कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल: बदलाव सिर्फ चर्चा नहीं, GGU में क्रियान्वयन की संकल्पशक्ति
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. चक्रवाल ने कहा कि GGU के विद्यार्थियों के भीतर शिक्षा व सेवा के माध्यम से जो संस्कार सिंचित हो रहे हैं, वही विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने उद्यमिता, कौशल उन्नयन और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर प्रगति का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट कहा:
“हम भविष्य नहीं गढ़ रहे… भविष्य हमसे गढ़ा जा रहा है।”

कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साह तब चरम पर पहुंचा जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने सभी को भावुक और प्रेरित किया।

क्यों असाधारण है GGU की यह कार्यशाला?
• पारंपरिक भारतीय ज्ञान विज्ञान के आधार पर NEP 2020 का अभ्यास
• विशेषज्ञों द्वारा पांच प्रमुख कोषों (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय, आनंदमय) पर गहन विमर्श
• नीति के व्यवहारिक क्रियान्वयन का राष्ट्रीय मॉडल प्रस्तुत करने की दिशा

इस अवसर पर देशभर से आए शिक्षाविद, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रिंसी मतलानी तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव प्रो. अभय एस. रणदिवे ने किया।

आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला 29 से 31 अक्टूबर तक चलेगी।

  • Related Posts

    बिलासपुर: प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी का वार्षिक उत्सव 3 मई को, तैयारियां तेज

    बिलासपुर। प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी का वार्षिक उत्सव आगामी 3 मई को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में 29 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक डॉ. चंद्रभूषण बाजपेयी के निवास 27 खोली में संपन्न हुई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा एवं व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख रूप से विनयकुमार पाठक, न्यायमूर्ति डॉ. सी.बी. बाजपेयी, डॉ. अर्चना मिश्रा, शिव प्रताप साव, डॉ. श्रीधर गोरहा, डॉ. राघवेन्द्र दुबे, विष्णु कुमार तिवारी, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार पंकज खंडेलवाल, डॉ. गजेन्द्र तिवारी…

    Continue reading
    श्री श्री रविशंकर के सान्निध्य में गूंजा छत्तीसगढ़ का सुर, बाल कलाकार तनिष्क वर्मा ने बिखेरा जादू

    बेंगलुरु आश्रम में गूंजा छत्तीसगढ़ का सुर, बाल कलाकार तनिष्क वर्मा ने बिखेरा जादू बिलासपुर/बेंगलुरु। छत्तीसगढ़ की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहराया है। Art of Living International Ashram, बंगलुरु (कर्नाटक) में आयोजित भव्य आध्यात्मिक आयोजन में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की गरिमामयी उपस्थिति के बीच छत्तीसगढ़ के बाल कलाकार तनिष्क वर्मा ने अपने भजनों से लाखों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आश्रम का विशाल परिसर जहां तक नजर जाए, श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा हुआ था—और इसी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *