बिलासपुर, 23 अगस्त।ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने वित्त मंत्री एवं जीएसटी काउंसिल की चेयरपर्सन श्रीमती निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजकर दवाओं पर जीएसटी दरों में कमी करने की माँग की है। संगठन देशभर के 12.40 लाख केमिस्ट्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स का प्रतिनिधित्व करता है।
एआईओसीडी ने आग्रह किया है कि सभी दवाओं को 5% जीएसटी स्लैब में रखा जाए, जबकि कैंसर, किडनी, हृदय रोग, दुर्लभ व दीर्घकालिक बीमारियों तथा जीवन रक्षक दवाओं को 0% जीएसटी (मुक्त श्रेणी) में शामिल किया जाए। संगठन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित जीएसटी सरलीकरण का स्वागत है, पर इसका लाभ आम मरीजों तक पहुँचना आवश्यक है।
संगठन के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि दवाएँ विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का साधन हैं। दवाइयों की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ता है, विशेषकर उन लोगों पर जो स्वास्थ्य बीमा से वंचित हैं।
एआईओसीडी की प्रमुख माँगों में आवश्यक दवाओं पर अतिरिक्त कर समाप्त करना, सभी प्रकार की दवाओं, विटामिन, प्रोबायोटिक्स, पोषण व फ़ूड सप्लीमेंट्स तथा बेबी फ़ूड को 5% जीएसटी में रखना और आयुर्वेदिक दवाओं पर कर वृद्धि न करना शामिल है। साथ ही, पुराने स्टॉक पर संशोधित दर लागू करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी अपील की गई है।
एआईओसीडी ने यह भी बताया कि ज्ञापन की प्रति बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री परिषद के अध्यक्ष सम्राट चौधरी को भी समर्थन हेतु भेजी गई है।
जिला औषधि विक्रेता संघ बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय औषधि विक्रेता संगठन के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र राजू अग्रवाल ने कहा कि दवाओं पर जीएसटी में कमी से लाखों मरीजों और उनके परिवारों को सीधी राहत मिलेगी और यह सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाएगा।















