पचमढ़ी के नर्मदोत्सव में गूंजी कथक की थाप, वैष्णव गुरु-शिष्य परंपरा ने मोहा मन

राष्ट्रीय कथक महोत्सव में यामी वैष्णव को ‘नृत्य प्रवाहिनी’ और अदिति सुल्तानिया को ‘कला प्रतिभा राष्ट्रीय उत्कृष्ट सम्मान’, प्रीति वैष्णव को ‘गुरु श्रेष्ठ सम्मान’

सारंगढ़/रायगढ़। मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय नर्मदोत्सव एवं कथक नृत्य कला महोत्सव-2026 में भारतीय शास्त्रीय कथक की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा का अद्भुत और अविस्मरणीय प्रदर्शन देखने को मिला। सांस्कृतिक ऑडिटोरियम में तबले की थाप, घुंघरुओं की झंकार और कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद संगीतप्रेमियों और कला-रसिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महोत्सव में मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, रानी सागर सारंगढ़ एवं शाखा रायगढ़ के कला साधकों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। संस्था के गुरु एवं प्राचार्य एल.डी. वैष्णव तथा उपप्राचार्य प्रीति रुद्र वैष्णव के सानिध्य में विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय मंच पर कथक की बारीकियों और गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

यामी और अदिति को राष्ट्रीय सम्मान

राष्ट्रीय कथक महोत्सव में यामी वैष्णव को ‘नृत्य प्रवाहिनी सम्मान’ तथा अदिति सुल्तानिया को ‘कला प्रतिभा राष्ट्रीय उत्कृष्ट सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं कथक के क्षेत्र में उल्लेखनीय गुरु-योगदान के लिए प्रीति वैष्णव को ‘गुरु श्रेष्ठ सम्मान’ प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता में कथक वर्ग में श्रेया सूदन, सोनाली पटेल, हुनर अग्रवाल, सनाया जैस्मीन और आदिश्री शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। वहीं कथक सोलो वर्ग में सौम्यश्री नाथ और अनुश्री शर्मा ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

तबले की थाप और पढ़ंत ने बांधा समां

कथक प्रस्तुतियों के दौरान विद्यार्थियों के साथ पढ़ंत पर प्रीति वैष्णव ने प्रभावशाली संगत दी। तबला संगत कला गुरु पंडित सुनील वैष्णव एवं रुद्र वैष्णव ने की, जबकि गायन एवं हारमोनियम पर रायपुर के लालाराम लुनिया ने साथ दिया। गुरु और शिष्यों की सामूहिक प्रस्तुति ने मंच पर भारतीय शास्त्रीय संगीत की उस परंपरा को साकार किया, जिसमें नृत्य, ताल, लय और संगीत का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।

राष्ट्रीय मंच पर सारंगढ़-रायगढ़ की कला साधना

नर्मदोत्सव के इस राष्ट्रीय मंच पर मिली उपलब्धियों ने सारंगढ़ और रायगढ़ की शास्त्रीय कला साधना को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है। मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के कला साधकों ने साबित किया कि निरंतर साधना, गुरु का मार्गदर्शन और मंचीय अनुशासन मिलकर प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकते हैं।

संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य एल.डी. वैष्णव, कला साधकों और वरिष्ठ गुरुजनों ने सभी सम्मानित एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा निरंतर कला साधना के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।

नर्मदोत्सव का यह मंच केवल सम्मान का अवसर नहीं रहा, बल्कि भारतीय कथक की गुरु-शिष्य परंपरा, साधना और सांस्कृतिक विरासत की एक जीवंत तस्वीर बन गया।

 

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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