एसपी-आईजी से मिला प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ का प्रतिनिधिमंडल, मुख्यमंत्री-गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; निष्पक्ष जांच और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
बिलासपुर। स्वतंत्र पत्रकार सोमा देवांगन की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ ने मोर्चा खोलते हुए पुलिस-प्रशासन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया। महासंघ के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस महानिरीक्षक से मुलाकात कर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा और प्रदेश महासचिव पंकज खंडेलवाल ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और स्वतंत्र पत्रकारों की आवाज को दबाने की कोई भी कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि “सोमा देवांगन की गिरफ्तारी सिर्फ एक पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई का मामला नहीं है, बल्कि यह सच दिखाने और सवाल पूछने वाली पत्रकारिता के सामने खड़ा किया गया बड़ा सवाल है।”
पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पत्रकारों के साथ न्याय नहीं हुआ और कथित उत्पीड़न का सिलसिला नहीं रुका, तो महासंघ अपनी लड़ाई को केवल ज्ञापन और मुलाकात तक सीमित नहीं रखेगा। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
निष्पक्ष जांच से लेकर पत्रकार सुरक्षा कानून तक उठी आवाज
महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से सोमा देवांगन की गिरफ्तारी की निष्पक्ष जांच, उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की समीक्षा तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बड़ी संख्या में पत्रकार हुए लामबंद
इस दौरान महासंघ के प्रदेश महासचिव पंकज खंडेलवाल, प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष उमाकांत मिश्रा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेंद्र कश्यप एवं प्रदेश उपाध्यक्ष उमाशंकर साहू सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
स्थानीय नेतृत्व में जिला अध्यक्ष कमल दुसेजा, महिला जिला सचिव गीता सोनचे, जिला सह सचिव रेशमा लहरे, रमेश गोयल, कुलदीप ठाकुर, चंद्रशेखर श्रीवास, तुलसी पाटले एवं पूजा साहू सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। प्रतिनिधिमंडल ने दो टूक कहा कि न्याय मिलने तक पत्रकारों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
महासंघ के तेवरों से साफ है कि सोमा देवांगन की गिरफ्तारी का मुद्दा अब महज एक ज्ञापन तक सीमित रहने वाला नहीं है। यदि मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पत्रकार संगठन आंदोलन का अगला चरण शुरू कर सकता है।







