बिलासपुर में गूंजा क्रिकेट का रोमांच
बिलासपुर। इंडियन मुस्लिम प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता में स्व. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर आयोजित प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर मुगल लीजेंड्स ने शानदार जीत दर्ज की। फाइनल मुकाबले में मुगल लीजेंड्स ने अल हिंद लायंस को 17 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया।
विजेता टीम को ₹1,10,786 नगद पुरस्कार एवं ट्रॉफी (मरहूम अब्दुल समद लल्ला भाई की याद में) प्रदान की गई, जबकि उपविजेता अल हिंद लायंस को ₹55,786 नगद पुरस्कार एवं ट्रॉफी (मरहूम अब्दुल रशीद की याद में) दी गई।
ऐसा रहा फाइनल मुकाबला
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुगल लीजेंड्स ने 10 ओवर में 3 विकेट खोकर 112 रन बनाए।
- अली – 53 रन
- मेहताब – 19 रन
जवाब में अल हिंद लायंस की टीम 7 विकेट पर 95 रन ही बना सकी।
पुरस्कार विजेता खिलाड़ी
- मैन ऑफ द मैच – मेहताब खान
- मैन ऑफ द सीरीज – दानिश अली (मरहूम फिरोज कुरैशी की याद में)
- बेस्ट बैट्समैन – जानू खान (अल हिंद लायंस)
- बेस्ट बॉलर – शोएब शेखानी (जीनत अल्टीमेट वॉरियर्स)
- बेस्ट विकेटकीपर – मुजम्मिल सिद्दीकी
- इमर्जिंग प्लेयर – मोहम्मद साद (अर्सलान फाइटर)
- डिसिप्लिन टीम – गदीर स्पार्टन
अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, विधायक अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन, महेश दुबे, हिमांशु जैन, प्रिंस भाटिया, नीतू श्रीवास्तव, वाहिद खान, धीरेंद्र बाजपेई, अभिनव तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष तौसीफ खान ने बताया कि 16 टीमों की भागीदारी से यह टूर्नामेंट शहर में सामाजिक एकता और खेल भावना का बड़ा उदाहरण बना।
क्या बोले जनप्रतिनिधि?
विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि आईपीएल की तर्ज पर इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
दिलीप लहरिया ने स्व. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर आयोजित इस प्रतियोगिता की सराहना की।
पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन और अन्य अतिथियों ने आयोजन समिति को शानदार आयोजन के लिए बधाई दी।
आयोजन में युवाओं की अहम भूमिका
बिलासपुर यूथ एंड वेलफेयर एसोसिएशन के समीर अहमद बबला, दुलारे भाई, मोहम्मद अजहरूद्दीन, अख्तर खान, तौफीक मेमन, टीपू, शाहबाज, सलमान कुरैशी, फैज कुरैशी, अबरार अली, गप्पू, अलीम खान, नवेद आलम, आदिल खान सहित समिति के सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह प्रतियोगिता सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और खेल भावना का संदेश बनकर सामने आई।















