कर्मचारियों की अनदेखी पर फूटा आक्रोश, 29 से 31 तक तीन दिवसीय आंदोलन का ऐलान
बिलासपुर: कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन की संभागीय बैठक आज जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में संभाग एवं जिले के सभी प्रमुख पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा का जिला अध्यक्ष सूर्य प्रकाश कश्यप द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला अध्यक्ष सूर्य प्रकाश कश्यप ने शासन पर कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शासन की सभी योजनाओं और परियोजनाओं का वास्तविक भार कर्मचारियों के कंधों पर है, जिन्हें वे पूरे समर्पण और निष्ठा से जीवनभर निभाते हैं। लेकिन जब कर्मचारियों के हित और अधिकारों की बात आती है, तो शासन एवं प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं।
सूर्य प्रकाश कश्यप ने कहा कि मनोज पिंगुवा समिति की अनुशंसाएं आज तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं। वर्ष 2019 से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एरियर्स की राशि अब तक जारी नहीं की गई, जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में भी गंभीर खामियों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित को योग्यता पर विचार किए बिना भृत्य पद पर नियुक्त किया जा रहा है तथा अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं दी जा रही। इसके अलावा चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान की प्रक्रिया भी लंबे समय से लंबित है।
बैठक को संबोधित करते हुए फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने जिला अध्यक्ष सूर्य प्रकाश कश्यप के विचारों का समर्थन किया और कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 29 से 31 तारीख तक तीन दिवसीय निश्चितकालीन आंदोलन प्रस्तावित है।
बैठक में उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों ने एकमत होकर आंदोलन को पूरी मजबूती के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया। कर्मचार ने साफ संकेत दे दिया है कि अब अधिकारों की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।















