GIS आधारित प्लानिंग के बाद ही मिलेगी मंजूरी, हर कार्य की होगी जियो-टैगिंग
बिलासपुर। मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2026–27 में पंचायतों में होने वाले सभी विकास कार्यों की मंजूरी अब युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से GIS आधारित प्लानिंग के बाद ही दी जाएगी। शासन के स्पष्ट निर्देशों के तहत ग्राम सभाओं में पारित लेबर बजट प्रस्तावों को प्राथमिकता क्रम में पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है।
योजना के अनुसार, प्रस्तावित कार्यों में 65 प्रतिशत कार्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि से जुड़े होंगे, जबकि मजदूरी और सामग्री का अनुपात 60:40 निर्धारित किया गया है। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिलेगी, बल्कि टिकाऊ विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
हर कार्य की होगी लोकेशन एंट्री, बढ़ेगी पारदर्शिता
इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि प्रत्येक कार्य की अक्षांश–देशांतर (Latitude–Longitude) सहित लोकेशन युक्तधारा पोर्टल में दर्ज की जाएगी। इससे भविष्य में विभिन्न योजनाओं के साथ अभिसरण (Convergence) के माध्यम से अतिरिक्त विकास कार्य जोड़ना आसान होगा और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
चारों जनपद पंचायतों में शुरू हुई प्रक्रिया
जिले की चारों जनपद पंचायतों में कार्यों की एंट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आने वाले वर्षों में पंचायत स्तर पर कोई भी नया कार्य शुरू करने से पहले ग्राम सभा की स्वीकृति और युक्तधारा पोर्टल में पंजीकरण अनिवार्य होगा।
यह कदम मनरेगा के कार्यों को तकनीकी रूप से सशक्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।















