बिलासपुर: संसाधनों की कमी नहीं… ज़रूरत है स्कूलों से प्रेम करने वाले समर्पित शिक्षकों की : गजेंद्र यादव

बिलासपुर, 11 दिसंबर 2025।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य में संसाधनों की कमी नहीं, कमी है सिर्फ अपने स्कूल के प्रति प्रेम और ज़िम्मेदारी निभाने वाले समर्पित शिक्षकों की। उन्होंने साफ कहा—अच्छे शिक्षकों को सम्मान मिलेगा और लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर संभागस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्कूल निरीक्षण के लिए विभाग द्वारा विकसित विशेष ऐप लॉन्च किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्कूलों का सतत् निरीक्षण ही शिक्षा सुधार की कुंजी है।

तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने का निर्देश

मंत्री ने सभी जिलों से कहा कि अगले 3 वर्षों की ठोस कार्ययोजना तैयार करें, जो अधोसंरचना, शैक्षणिक माहौल और शिक्षण गुणवत्ता में स्थायी सुधार ला सके।
“बच्चों की शिक्षा में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगी।”

 बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

उन्होंने कहा कि अब सभी शिक्षक-कर्मचारियों की ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी।
साथ ही DEO–BEO–BRC को निर्देश—
✔ नियमित स्कूल निरीक्षण
✔ दौरा चार्ट बनाएं और सख्ती से पालन करें

10वीं का लक्ष्य 85% और 12वीं का 90% परिणाम

उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ पास प्रतिशत का नहीं, उच्च श्रेणी परिणाम का है।
✔ मासिक परीक्षा की सतत निगरानी
✔ कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त क्लास
✔ कुशल शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई

 बेसिक लर्निंग पर फोकस

कक्षा 3 से 5 में धारा-प्रवाह हिंदी,
माध्यमिक स्तर पर बेसिक गणित और अंग्रेजी कौशल पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बिलासपुर और सक्ति में APAR ID निर्माण में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और एक सप्ताह में सुधार के निर्देश दिए।
ड्रॉपआउट रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता— अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्वत्व देयकों का तत्काल भुगतान

निर्देश—
✔ रिटायरमेंट के दिन ही सेवा पुस्तिका, पासबुक और सभी स्वत्वों का भुगतान पक्का हो।

अधोसंरचना और मॉडल स्कूलों की रफ्तार तेज करें

✔ भवनविहीन स्कूलों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करें
✔ इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन में तेजी
✔ पीएम श्री स्कूलों के कार्य तय समयसीमा में निपटें

स्कूल मरम्मत के काम अब पंचायतों को

उन्होंने कहा कि छोटे काम—

  • शौचालय निर्माण/मरम्मत
  • पुताई
  • बिजली–पानी
    ग्राम पंचायतें करें, इससे देरी भी नहीं होगी और समुदाय का जुड़ाव भी बढ़ेगा।

31 जनवरी तक सभी शौचालय संबंधी कार्य पूर्णकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

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