बिलासपुर : लोरमी के वरिष्ठ पत्रकार प्रीतम दिवाकर और उनके परिवार पर हुए हमले के विरोध में कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेश के सबसे बड़े संगठन छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ ने IG को ज्ञापन सौंपा

लोरमी के वरिष्ठ पत्रकार प्रीतम दिवाकर और उनके परिवार पर असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए जानलेवा हमले ने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। रॉड, डंडा और चाकू से सुसज्जित गुंडों ने जिस निर्ममता से परिवार को निशाना बनाया, वह न केवल घोर निंदनीय है बल्कि पत्रकारीय मर्यादाओं पर सीधा प्रहार है। इस घटना में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए। कौन जिम्मेदार है इस साहसिक हमले के पीछे? अपराधियों की यह हिम्मत आखिर बढ़ी कैसे?

पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ कहा जाता है। यही स्तंभ जब सच की रोशनी जलाता है, तब कुछ लोगों के अंधकार को असहनीय लगता है। लेकिन बड़े सवाल यहीं खड़े हो जाते हैं:

1. पत्रकार सुरक्षा कानून की अनुपस्थिति ने गुंडों के हौसले क्यों बढ़ा दिए?
2. आखिर अपराधियों को पुलिस-प्रशासन का भय क्यों नहीं?

छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ ने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए आईजी को ज्ञापन सौंपा है और कड़े कदम उठाने की मांग की है। महासंघ ने साफ कहा:

  • दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए

  • प्राणघातक हमला, साजिश, गैंग एक्ट और बलवा सहित कठोर धाराओं में एफआईआर सुनिश्चित हो

  • पीड़ित पत्रकार और उनके परिवार को सुरक्षा दी जाए

  • विशेष जांच अधिकारी नियुक्त कर त्वरित जांच की जाए

पत्रकारों की सुरक्षा सिर्फ उनकी सुरक्षा नहीं, बल्कि जनता की अभिव्यक्ति की सुरक्षा है। यदि सच लिखने वालों को संरक्षण नहीं मिला, तो समाज में भय और अराजकता का वातावरण फैलना तय है।

पुलिस से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वह इस प्रकरण में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई कर विश्वास बहाली करे। यदि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो गया, तो लोकतंत्र के लिए यह अत्यंत खतरनाक संकेत है।

महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन की रणनीति अपनानी पड़ेगी। लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी जीवित रहती है जब सत्ता, प्रशासन और कानून सभी मिलकर जनता और उसकी आवाज की रक्षा करें। पत्रकारिता लोकतंत्र का प्रहरी है, उस पर हमला पूरे लोकतंत्र को घायल कर देता है।

समय आ गया है कि प्रदेश सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू कर, अपराधियों और उनके संरक्षकों को कड़ा संदेश दे:
सच पर हमला करने वालों को छूट नहीं मिलेगी।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष उमाकांत मिश्रा, प्रदेश महासचिव पंकज खंडेलवाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेंद्र कश्यप, प्रदेश प्रवक्ता मोहम्मद इसराइल, जिलाध्यक्ष कमल दुसेजा, जिला मीडिया प्रभारी यू. मुरली राव सहित अनिल सोनी, निर्मल सिंह, रेशमा लहरे, गीता सोनचे और पुष्पा साहू उपस्थित रहे।

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