बिलासपुर: वार्ड नं. 34 संत रविदास नगर करबला में पार्षद पद के लिए अनिता विश्वकर्मा का नाम तेजी से चर्चा में है। मोहल्ले के लोगों का उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है। अनिता विश्वकर्मा अपने सरल एवं सहज व्यवहार के कारण वार्ड के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
अनिता विश्वकर्मा न केवल वार्ड में सक्रिय हैं, बल्कि विश्वकर्मा समाज की भी सक्रिय सदस्य हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान है। समाज के लिए उनके कार्यों को देखते हुए विश्वकर्मा समाज की ओर से बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल को उनके समर्थन में प्रस्ताव दिया गया है।
वहीं, अनिता के बेटे ऋषभ विश्वकर्मा (गोल्डी), उम्र 26 वर्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े हुए हैं। वे 2016 से सक्रिय राजनीति में हैं और इससे पहले छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य रह चुके हैं।
2016 में भाजपा युवा मोर्चा की मध्यमंडल टीम में उन्हें सोशल मीडिया प्रभारी का पदभार सौंपा गया। इसके बाद 2021 में भाजपा युवा मोर्चा की जिला टीम में जिला कार्यसमिति सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऋषभ का राजनीतिक अनुभव और समाज के प्रति उनकी निष्ठा उन्हें युवाओं के बीच खास पहचान दिला रही है।
अनिता विश्वकर्मा और उनके बेटे ऋषभ का यह संयुक्त प्रयास वार्ड नं. 34 के विकास और समाज सेवा की दिशा में नई उम्मीद जगाता है।
बिलासपुर।छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरती पर एक बार फिर संगीत, कला और प्रतिभा का विराट संगम होने जा रहा है। न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन (NHICF) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की संगीत प्रतियोगिता “नाद मंजरी सीजन-3” का भव्य चार दिवसीय आयोजन 26 से 29 जून तक कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम, बिलासपुर में किया जाएगा। देशभर से आए 550 से अधिक कलाकार विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर मंच को सुर, ताल और लय के अद्भुत रंगों से सराबोर करेंगे। आयोजकों के अनुसार, नाद मंजरी अब केवल…
बिलासपुर। छठी मईया के जयघोष, अमृत वर्षा और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच रविवार की रात छठ घाट परिसर सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक ऊर्जा का केंद्र बन गया। पाटलिपुत्र सांस्कृतिक विकास मंच की नवगठित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में समाज, संस्कृति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नवगठित टीम को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए कहा कि “संस्कृति समाज को जोड़ने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। जो समाज अपनी सांस्कृतिक जड़ों से…