बिलासपुर : कवि सुरजीत नवदीप को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

डॉ. विनय कुमार पाठक बोले— “सुप्रसिद्ध कवि ही नहीं, सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी थे नवदीप जी”

बिलासपुर। प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ कवि सुरजीत नवदीप के असामयिक निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्यकारों और विद्वानों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य अतिथि डाॅ. विनय कुमार पाठक, पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा—
“जब मैं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का अध्यक्ष था, तब नवदीप जी आयोग के सदस्य थे। हालांकि परिचय उससे भी बहुत पहले से था। वे केवल एक सुप्रसिद्ध कवि ही नहीं, बल्कि कुशल मंच संचालक और सरल, सहज व्यक्तित्व के धनी थे।”

अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. राघवेन्द्र कुमार दुबे ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा—
“राजभाषा आयोग की बैठकों और वार्षिक सम्मेलनों में नवदीप जी से भेंट होती रहती थी। वे अपने आत्मीय व्यवहार से सभी का दिल जीत लेते थे।”

विशिष्ट अतिथि डाॅ. विवेक तिवारी, विष्णु कुमार तिवारी तथा अकादमी के महासचिव डाॅ. बजरंगबली शर्मा ने भी अपने संस्मरण सुनाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

अंत में, उपस्थित सभी साहित्यकारों ने दो मिनट का मौन रखकर कवि सुरजीत नवदीप को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • Related Posts

    बिलासपुर: SSP रजनेश सिंह की सख़्ती भी नहीं रोक पा रही स्टंटबाज़ों की सनक

    बिलासपुर की सड़कों पर पिछले कुछ महीनों से जिस तरह का खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा है, वह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सामाजिक गैर-जिम्मेदारी की पराकाष्ठा है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है—पाँच महीनों में 14 मामले दर्ज, 33 वाहन जब्त, 72 आरोपी गिरफ्तार। लेकिन सवाल यह है कि आखिर स्टंटबाज़ों पर यह कड़ी कार्रवाई भी असरदार क्यों नहीं हो रही? सड़कें रेस ट्रैक नहीं हैं, और न ही खुलेआम बर्थडे सेलिब्रेशन का मंच। फिर भी कुछ युवा सोशल मीडिया की चकाचौंध और…

    Continue reading
    छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर उसलापुर में महका ‘व्यंजन मेला’, छात्रों ने परोसी संस्कृति की सुगंध

    बिलासपुर: महाराणा प्रताप महाविद्यालय उस्लापुर में छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के मौके पर पारंपरिक स्वाद और संस्कृति की अनोखी महक बिखेरते हुए छत्तीसगढ़ी व्यंजन मेला धूमधाम से आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ शिवाजी राव शिक्षण समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.एल. गोयल और प्राचार्य डॉ. अनिता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उद्घाटन के बाद विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय बोलियों की प्रतिष्ठा के बारे में अवगत कराया गया। मेले में छात्रों ने फरा, चौसेला, चीला, धुस्का, भजिया जैसे पारंपरिक व्यंजनों…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *