बिलासपुर। श्रीमती शोभा टाह की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शहर में मानवता और सेवा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जब स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चिंगराजपारा में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। 25 जनवरी को आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा व्यापक स्वरूप देखने को मिला, जिसने हजारों जरूरतमंदों को राहत दी।
शिविर में 26 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जहाँ विभिन्न फैकल्टी के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। नेत्र, दंत, हड्डी, सामान्य चिकित्सा, आयुर्वेद, होम्योपैथी सहित अनेक विभागों की सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध रहीं। नेत्र विभाग के लिए चार अलग-अलग स्टॉल लगाए गए, जिनमें रेटिना की विशेष जाँच की व्यवस्था रही और जरूरतमंदों को तत्काल चश्मा उपलब्ध कराया गया। चिकित्सकों की पर्ची के अनुसार निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं।
शिविर की विशेषता यह रही कि जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मा, हियरिंग मशीन एवं ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। साथ ही आवश्यक दस्तावेजों के साथ आयुष्मान भारत कार्ड का तत्काल निर्माण एवं वितरण किया गया। परिसर में रक्तदान शिविर भी आयोजित हुआ, वहीं आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा स्टॉलों पर बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ लिया।
इस वर्ष शिविर को एक नई दिशा देते हुए सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सुनीता ओझा द्वारा जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क कानूनी परामर्श भी प्रदान किया गया, जिसकी जमकर सराहना हुई।
उल्लेखनीय है कि समाजसेवी अनिल टाह विगत 18 वर्षों से निरंतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक बेहतर
चिकित्सा पहुँचाने के इस अभियान को समर्पित भाव से आगे बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम में बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, कलेक्टर संजय अग्रवाल, डीआईजी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, आईएमए के वरिष्ठ चिकित्सकगण सहित अनेक गणमान्य अतिथि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शिविर के सफल आयोजन में अनिल टाह परिवार, पर्यावरण संगठन हरिहर ऑक्सीजोन, एनसीसी एवं एनएसएस के युवाओं का सराहनीय योगदान रहा। शिविर में आए मरीजों एवं परिजनों के लिए भोग-प्रसाद की भी उत्तम व्यवस्था की गई थी।
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में डॉ. आर.ए. शर्मा, डॉ. एल.सी. मढ़रिया, डॉ. विनोद तिवारी, डॉ. बी.आर. होतचंदानी, डॉ. प्रशांत द्विवेदी, डॉ. ऐश्वर्य मढ़लिया, डॉ. प्रतिभा सिंह मढ़रिया, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. पारुल जोगी, डॉ. चिरंजीवी शर्मा, डॉ. मनीष साहू, डॉ. प्रदीप शुक्ला, डॉ. अनुष्का ढेपा, डॉ. कीर्ति फोगाट, डॉ. निशांत कौशिक, डॉ. शांतनु मिश्रा, डॉ. अजय पांड्या, डॉ. चंद्रलता गर्ग, डॉ. निकिता जायसवाल सहित विभिन्न अस्पतालों के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ ने सेवाभाव से योगदान दिया।
यह विशाल स्वास्थ्य शिविर न केवल चिकित्सा सुविधा का केंद्र बना, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का जीवंत उदाहरण भी साबित हुआ।















