बिलासपुर से गूंजा जय श्रीराम: 1008 रामभक्तों का महाजत्था अयोध्या रवाना, 25 AC बसों में निकली आस्था की भव्य यात्रा
केंद्रीय मंत्री सहित दिग्गजों ने दिखाई हरी झंडी | पहली सीट पर विराजे संकट मोचन हनुमान | भक्ति, सुरक्षा और अनुशासन का अद्भुत संगम
बिलासपुर। चैत्र नवरात्र की पावन बेला में बिलासपुर एक बार फिर राममय हो उठा। सिविल लाइन पुलिस मैदान से बुधवार को 1008 रामभक्तों का विशाल जत्था 25 एसी बसों और 10 कारों के साथ अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। जैसे ही दोपहर 1 बजे हरी झंडी लहराई, पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा और माहौल भक्ति में डूब गया।
इस भव्य यात्रा को केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
दोपहर 12:50 बजे महाआरती के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान पूरा मैदान भक्ति, उत्साह और जयकारों से सराबोर नजर आया।
इस यात्रा की सबसे खास बात रही कि हर बस में एक टीम लीडर और पांच स्वयंसेवकों की टीम तैनात की गई है। यात्रियों को आईडी कार्ड, भोजन, जल, प्रसाद और सभी आवश्यक सामग्री पहले ही उपलब्ध करा दी गई।
पहली सीट पर हनुमान जी, यात्रा के “VIP यात्री”
यात्रा की शुरुआत पवनपुत्र हनुमान की प्रतिमा को बस की पहली सीट पर विराजित कर की गई। विधिवत पूजा के बाद उन्हें यात्रा का पथप्रदर्शक माना गया। मान्यता है कि उनकी उपस्थिति से यात्रा सुरक्षित और सफल होती है।
25 बसें, 10 कार… हाईटेक मैनेजमेंट
- 25 एसी बसें + 10 कार
- हर वाहन में मेडिकल किट और सुरक्षा व्यवस्था
- एंबुलेंस और मेडिकल टीम साथ
- लाइव लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम
पुलिस मैदान बना भक्ति का उत्सव स्थल
सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भजन, ढोल-नगाड़े, भगवा ध्वज और जयकारों ने माहौल को आध्यात्मिक मेले में बदल दिया। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा टाइट
कलेक्टर, आईजी और एसएसपी की निगरानी में
- बसों की तकनीकी जांच
- यात्रियों का आईडी वेरिफिकेशन
- मेडिकल इमरजेंसी प्लान तैयार
अयोध्या में होगा भव्य स्वागत
समिति के अनुसार, अयोध्या पहुंचने पर यात्रियों के ठहरने, भोजन और स्वागत की विशेष व्यवस्था पहले से तय है।
प्रवीण झा: लगातार तीसरी बार कमान
यात्रा संयोजक प्रवीण झा इस आयोजन को लगातार तीसरे साल लीड कर रहे हैं। उनकी टीम की प्लानिंग, अनुशासन और सेवा भावना इस यात्रा की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
सहयोगी टीम
इस भव्य आयोजन में प्रवीण झा के साथ रामप्रताप सिंह, रौशन सिंह, ललित पुजारा, त्रिभुवन सिंह, रिंकू मित्रा, हरिशंकर कुशवाहा, संजय द्विवेदी, सागर साहू सहित कई कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बिलासपुर से निकली यह यात्रा सिर्फ सफर नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सेवा का जीवंत उदाहरण बन चुकी है — जो हर साल और भव्य होती जा रही है।















