अरपा नदी में सड़क बनी कांग्रेस राज में? तो फिर क्या कर रहे थे प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेश बघेल और उपाध्यक्ष अभय नारायण राय!
कांग्रेस राज में निगम के सभापति रहे शेख नजीरुद्दीन ने भी किया था सड़क का निरीक्षण
बिलासपुर! जिले की बदहाल सड़कों के मुद्दे पर आज जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय केशरवानी ने एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अरपा नदी किनारे बन रही 80–100 करोड़ की रहस्यमयी सड़क को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला।
केशरवानी ने कहा —
“जब पूरे जिले की सड़कें टूट चुकी हैं, तब सुनसान नदी तट पर करोड़ों की सड़क किसके लिए बनाई जा रही है?
जनता से क्यों छुपाया गया यह प्रोजेक्ट?
यह सड़क सार्वजनिक नहीं, बल्कि निजी हितों के लिए तैयार की गई है।”
नदी तट की सड़क निजी भूमि पर खत्म—केशरवानी ने उठाया बड़ा सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने खुलासा किया कि सड़क आगे जाकर निजी जमीन पर समाप्त हो जाती है।
उन्होंने पूछा:
“जब आगे रास्ता ही नहीं है, तब 80–100 करोड़ क्यों खर्च किए गए?
क्या यह सड़क जनता के लिए है या किसी खास व्यक्ति की सुविधा के लिए?”
स्मार्ट सिटी की सीमा में नहीं, फिर भी स्मार्ट सिटी फंड का उपयोग—सरकार जवाब दे: केशरवानी
विजय केशरवानी ने बताया कि जहाँ सड़क बनाई जा रही है, वह क्षेत्र स्मार्ट सिटी की सीमा से बाहर है, फिर भी स्मार्ट सिटी और नगर निगम के फंड खर्च किए गए।
उन्होंने आरोप लगाया —
“न DPR दिखाया गया, न जन–सुनवाई हुई, न पर्यावरण अनुमति।
पूरा प्रोजेक्ट गोपनीय तरीके से चलाया गया है। यह भ्रष्टाचार का साफ मामला है।”
तीन-तीन बड़े नेताओं की चुप्पी — केशरवानी ने साधा निशाना
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा —
“उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और स्थानीय विधायक—तीनों को सड़क की जानकारी रही होगी।
फिर भी चुप्पी क्यों?
क्या यह प्रोजेक्ट किसी खास व्यक्ति के हित के लिए था?
जनता जवाब चाहती है।”
शहर–ग्राम की टूटी सड़कों पर बोलते नेता, काम कहीं नहीं—केशरवानी का तंज
उन्होंने कहा कि सैकड़ों करोड़ की घोषणाएँ रोज होती हैं, लेकिन एक भी सड़क ठीक नहीं होती।
“लोग गड्ढों में गिर रहे हैं, दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं, हाईकोर्ट तक सड़कों पर टिप्पणी कर चुका है।
पर सरकार अरपा तट के सुनसान इलाके में करोड़ों फूंक रही है।
शहर वालों के लिए यह धोखा है।”
विजय केशरवानी ने सरकार से पूछे 12 सीधे सवाल
1️⃣ अरपा तट की 70–100 करोड़ की सड़क का DPR कहाँ है?
2️⃣ क्या स्मार्ट सिटी फंड का उपयोग स्मार्ट सिटी क्षेत्र से बाहर किया जा सकता है?
3️⃣ क्या अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति शासन से छुपाई?
4️⃣ सड़क निजी जमीन पर आकर क्यों रुकती है—किसका लाभ?
5️⃣ पर्यावरण अनुमति और नदी तट नियम कहाँ गए?
6️⃣ जब शहर की सड़कें जर्जर हैं, तो अरपा किनारे 100 करोड़ क्यों?
7️⃣ क्या कोई जन–सुनवाई की गई?
8️⃣ शासन–प्रशासन को सही जानकारी क्यों नहीं दी गई?
9️⃣ इस सड़क निर्माण के पीछे किसका दबाव था?
🔟 सार्वजनिक ज़रूरत या निजी हित—सच्चाई क्या है?
1️⃣1️⃣ क्या इसे गुपचुप मुंबई की ‘मरीन ड्राइव’ जैसा प्राइवेट व्यू-पॉइंट बनाने की योजना है?
1️⃣2️⃣ तीन-तीन बड़े नेताओं की चुप्पी क्यों—क्या पूरा प्रोजेक्ट विशेष लाभार्थी के लिए?
होगा बड़ा आंदोलन — मोपका की जर्जर सड़क पर जोरदार विरोध
केशरवानी ने घोषणा की कि शनिवार दोपहर 1 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता व आम जनता मोपका की जर्जर सड़क पर बड़ा आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा —
“शहर–ग्राम की सड़कों की दुर्दशा के खिलाफ अब जनता के साथ मिलकर लड़ाई होगी।
अरपा तट की इस गुपचुप सड़क की सच्चाई हर हाल में सामने लाएंगे।”















