बिलासपुर। पंचायत चुनाव के आरक्षण प्रावधानों को लेकर दिए गए बयान पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशवानी को आड़े हाथों लिया है। सुशांत शुक्ला ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर छत्तीसगढ़ की सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कांग्रेस नेता अपने भ्रामक बयान के लिए माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस नेता पर लगाए गंभीर आरोप सुशांत ने मीडिया को बताया कि बीते दिनों जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशवानी ने पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया को ओबीसी विरोधी बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाए थे। इस पर शुक्ला ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ की सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की हिमाकत न करें। आरोप लगाने से पहले यह साबित करें कि भाजपा ने आरक्षण के प्रावधानों में कहां और कैसे षड्यंत्र किया।”
शुक्ला की कड़ी चेतावनी शुक्ला ने कांग्रेस पर वर्ग संघर्ष और वर्गभेद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ जैसे शांतिप्रिय प्रदेश को अशांत करने का जो अभियान कांग्रेस ने छेड़ा है, उसमें विजय केशवानी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। मैं उन्हें चेतावनी देता हूं कि अगर उन्होंने दोबारा ऐसा किया, तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।”
माफी की मांग या कानूनी कार्रवाई की तैयारी विधायक ने कहा कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष को या तो अपने भ्रामक और विवादित बयान के लिए प्रदेशवासियों से माफी मांगनी चाहिए, या फिर यह स्पष्ट करना चाहिए कि आरक्षण प्रावधानों का कहां उल्लंघन हुआ है। अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक सुशांत शुक्ला ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ में वर्ग संघर्ष की राजनीति कर रही है और इसके जरिए प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने की साजिश रच रही है।
निष्कर्ष आरक्षण के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला पंचायत चुनाव के आरक्षण प्रावधानों पर आधारित है। सुशांत शुक्ला की चेतावनी ने इस विवाद को और तीव्र कर दिया है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष माफी मांगते हैं या फिर यह मामला कानूनी मोड़ लेता है।
बिलासपुर। परंपरा, संस्कार और प्रतिभा का अद्भुत संगम उस वक्त देखने को मिला जब सरयूपारिण विप्र खारंग संघ द्वारा ग्राम नगोई (बेमा) में दो दिवसीय सामूहिक व्रतबंध संस्कार, वार्षिक सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 28 बटुकों के उपनयन संस्कार के साथ शुरू हुआ यह आयोजन पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। शोभायात्रा ने बढ़ाई भव्यता, समाज ने दिखाई एकजुटता संस्कार के पश्चात खारंग परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों…
✍ डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ( त्वचाविज्ञान आधारित बहु-बुद्धिमत्ता परीक्षण विशेषज्ञ एवं मानसिकमाप परामर्शदाता ) यह लेख महावीर के दार्शनिक चिंतन को एक अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमान के रूप में विश्लेषित करता है। इसमें वैदिक, उपनिषदिक, ब्राह्मणीय, जैन तथा आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टियों के बीच एक समन्वित और समालोचनात्मक वैचारिक ढाँचा निर्मित किया गया है। लेख यह प्रतिपादित करता है कि अहिंसा, चेतना और अनेकांतवाद केवल आध्यात्मिक मुक्ति के साधन नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक युग के नैतिक, पर्यावरणीय और मनोवैज्ञानिक संकटों के समाधान हेतु एक…