बिलासपुर। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सागा लेआउट, बिलासपुर स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर परिसर देशभक्ति की भावना से सराबोर नजर आया। राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत इस आयोजन में मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ (गोपालगंज, बिहार) के करकमलों से ध्वजारोहण किया गया।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति चन्द्रभूषण वाजपेयी एवं शैलेन्द्र कछवाहा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर समाज, संस्कृति एवं सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट नागरिकों का सम्मान किया गया, वहीं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। स्वागत उद्बोधन में आयोजन संयोजक रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रथम सत्र का कुशल संचालन वरिष्ठ साहित्यकार विष्णु कुमार तिवारी ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “वर्तमान समय में देशभक्ति की भावना को जागृत करना अत्यंत आवश्यक है। हमें अपने राष्ट्र पर गर्व करना चाहिए और भावी पीढ़ी को भी यही संस्कार देना चाहिए।”
वहीं न्यायमूर्ति चन्द्रभूषण वाजपेयी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत-संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके पश्चात डाॅ. राघवेन्द्र कुमार दुबे की अध्यक्षता में आयोजित कवि सम्मेलन ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कर दिया। नगर के प्रसिद्ध कवि-कवयित्रियों ने देशभक्ति से परिपूर्ण कविताओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन में राम निहोरा राजपूत, सुखेन्द्र श्रीवास्तव, मृदा मृदु, दीपक दुबे ‘सागर’, भूपेन्द्र श्रीवास्तव, द्रौपदी साहू, आशा बंजारे, डॉ. राघवेन्द्र कुमार दुबे, डॉ. शत्रुघन जेसवानी एवं विष्णु कुमार तिवारी सहित अनेक रचनाकारों ने काव्यपाठ किया।
पूरे आयोजन में देशभक्ति, संस्कृति और सामाजिक चेतना की त्रिवेणी प्रवाहित होती रही, जिसने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम की नई ऊर्जा से भर दिया।















