18वां द्वि-दिवसीय विकलांग विमर्श राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
बिलासपुर। अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद का 25वां वार्षिक अधिवेशन एवं 18वां द्वि-दिवसीय विकलांग विमर्श विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ गीता देवी रामचंद्र अग्रवाल विकलांग अस्पताल, अनुसंधान एवं निशुल्क सेवा केंद्र, सीपत रोड, कोनी-बाईपास, बिलासपुर के भव्य सभागार में हुआ।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेई (न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़) रहे। अध्यक्षता डॉ. विनय कुमार पाठक, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद ने की।
विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती विद्या केडिया, वीरेंद्र पांडे (रायपुर) एवं डॉ. सुरेश माहेश्वरी (अमलनेर) शामिल रहे।
🔹 मुख्य अतिथि का संबोधन
न्यायमूर्ति वाजपेई ने परिषद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निस्वार्थ सेवा के साथ विकलांग चेतना को जागृत करने की दिशा में बिलासपुर की यह संस्था राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी है।
🔹 अध्यक्षीय उद्बोधन
डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि 21वीं सदी में विकलांग विमर्श की शुरुआत के बाद इसे देश के अनेक विश्वविद्यालयों में शोध विषय के रूप में अपनाया गया है तथा अस्मितामूलक विमर्श के अंतर्गत इसे व्यापक मान्यता मिल रही है।
🔹 कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
- अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन
- वंदे मातरम् — श्री रामनिहोर राजपूत
- गीत प्रस्तुति — डॉ. राघवेंद्र कुमार दुबे
इसके पश्चात डॉ. हुकुमचंद यादव द्वारा लिखित पुस्तक “विकलांग विमर्श : डॉ. सुरेश माहेश्वरी का चिंतन” का लोकार्पण किया गया।
कार्यकालीन प्रतिवेदन का वाचन महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल एवं वार्षिक लेखा प्रतिवेदन कोषाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने प्रस्तुत किया।
🔹 विशिष्ट सम्मान
- राजेंद्र अग्रवाल (राजू) — छत्तीसगढ़ महाराजा अग्रसेन समाज सेवा राज्य अलंकरण
- डॉ. विनोद कुमार वर्मा — लाला जगदलपुरी राज्य अलंकरण
दोनों को परिषद द्वारा विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
🔹 संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन
राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत देशभर से आए शोधार्थियों एवं विद्वानों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। रचनाओं पर केंद्रित कवि सम्मेलन में देशभर के कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी प्रस्तुति दी।
🔹 द्वितीय दिवस का कार्यक्रम
महामंत्री मदन मोहन अग्रवाल ने बताया कि
10 नवंबर 2025
- प्रातः — विकलांग विमर्श राष्ट्रीय संगोष्ठी
- द्वितीय सत्र — समापन समारोह
कार्यक्रम संचालन — राजेंद्र अग्रवाल
आभार — मदनमोहन अग्रवाल
🔹 तकनीकी सत्र
अध्यक्ष मंडल —
- डॉ. ए.के. यदु
- श्रीमती तुलसी देवी तिवारी
- डॉ. अनिता सिंह
- विष्णु कुमार तिवारी
शोध-पत्र प्रस्तोता —
डॉ. नीता ठाकुर, निवेदिता वर्मा, डॉ. प्राची थवाईत, श्रीमती रीना झा, द्रौपदी साहू, डॉ. दीनदयाल यादव, मणिशंकर, रेनू वाजपेयी आदि।
🔹 सेवा सम्मान
परिषद द्वारा
- सत्येंद्र अग्रवाल (रायपुर)
- डीपी गुप्ता (संगठन मंत्री, बिलासपुर)
- राजेश पांडे (संगठन मंत्री, बिलासपुर)
- आर.के. गेंदले
- मुरारीलाल परमार (बिलासपुर)
- डॉ. सुरेश माहेश्वरी (राष्ट्रीय प्रवक्ता)
आदि को सम्मानित किया गया।
🔹 सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में बालगोविंद अग्रवाल, नित्यानंद अग्रवाल, दीनदयाल यादव, मनोहरलाल मिश्रा, जीएस कुशवाहा (रायपुर), योगेश शर्मा (रायपुर), अरविंद दीक्षित, विमल प्रकाश त्रिपाठी, आरएस मिश्रा, प्रकाश टांक आदि की विशेष भूमिका रही।
के.सी. भारद्वाज ने परिषद के समस्त कार्यों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।यह अधिवेशन न केवल विकलांगों की चेतना, शिक्षा, शोध एवं सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सामाजिक समावेशन की दिशा में भी एक सार्थक प्रयास है।















