बिलासपुर/भुवनेश्वर: छत्तीसगढ़ की शान और पहचान बन चुके “छत्तीसगढ़ रत्न” से सम्मानित बाल कलाकार *मास्टर तनिष्क वर्मा* एक बार फिर इतिहास रचने जा रहे हैं। महाकुंभ मेला प्रयागराज में अपनी भजन संध्या से श्रद्धालुओं का मन मोहने के बाद अब तनिष्क की स्वर लहरियां **विश्व प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर (उड़ीसा)** में गूंजेंगी।
15 फरवरी 2026 को लिंगराज मंदिर परिसर में उनकी विशेष भजन संध्या आयोजित होगी।
महज 10-11 वर्ष की आयु में महाकुंभ जैसे विराट आध्यात्मिक मंच पर प्रस्तुति देने के बाद अब लिंगराज मंदिर में आमंत्रण मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। तनिष्क ने अपनी मधुर आवाज और आध्यात्मिक भाव से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित कर दिया है।
बड़े मंच पर बड़ा सम्मान
लिंगराज मंदिर के सचिव शरद मिश्रा एवं मुंबई के दया वर्मा द्वारा तनिष्क को विशेष रूप से भजन संध्या के लिए आमंत्रित किया गया है। यह आमंत्रण बाल प्रतिभा की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है।
उपमुख्यमंत्री और विधायक ने दी शुभकामनाएं
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री **श्री अरुण साव जी** ने तनिष्क को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा प्रदेश का गौरव बढ़ाने पर सराहना की।
वहीं बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बधाई संदेश में उड़ीसा राज्य का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल कलाकार को आमंत्रित कर उसका उत्साहवर्धन किया।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति का चमकता सितारा
तनिष्क वर्मा आज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुके हैं। कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
15 फरवरी को लिंगराज मंदिर में जब तनिष्क की आवाज गूंजेगी, तब पूरा छत्तीसगढ़ गर्व से कहेगा —
“ये है हमारे प्रदेश का नन्हा सांस्कृतिक दूत!”















