विद्यासागर डी.लिट. से अलंकृत शोध ग्रंथ ‘श्रीमद्भागवत कथा : समग्र अनुशीलन’ का 3 सितंबर को होगा विमोचन; देशभर के साहित्यकार जुटेंगे
बिलासपुर। धर्म, दर्शन, साहित्य और शोध के समन्वित स्वरूप को समर्पित एक महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन बिलासपुर में होने जा रहा है। प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी के तत्वावधान में बिलासपुर की विदुषी डॉ. आभा गुप्ता द्वारा रचित शोध ग्रंथ ‘श्रीमद्भागवत कथा : समग्र अनुशीलन’ का भव्य विमोचन एवं सम्मान समारोह 3 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
यह आयोजन शाम 6:30 बजे होटल इंटरसिटी के सभागार में होगा, जहां साहित्य, अध्यात्म और अकादमिक जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां एक मंच पर उपस्थित रहेंगी।
समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. हरिहरानंद सरस्वती जी महाराज, परमाध्यक्ष दैवी संपद मंडल एवं कुलाधिपति, थावे विद्यापीठ गोपालगंज (बिहार), मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ गोपालगंज करेंगे।
वहीं न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण बाजपेयी, धर्मभूषण डॉ. श्रीधर गौराह तथा डॉ. रामशंकर भारती, प्रख्यात समीक्षक, झांसी (उत्तर प्रदेश) विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।
भागवत कथा के समग्र अध्ययन को मिली शोध की दृष्टि
डॉ. आभा गुप्ता का ग्रंथ ‘श्रीमद्भागवत कथा : समग्र अनुशीलन’ विद्यासागर डी.लिट. से संबंधित शोध कृति है। ग्रंथ के विमोचन को साहित्यिक जगत में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि श्रीमद्भागवत जैसे व्यापक आध्यात्मिक एवं दार्शनिक विषय को शोधपरक दृष्टि से प्रस्तुत करने का प्रयास इसमें किया गया है।
समारोह में ग्रंथ के विमोचन के साथ डॉ. आभा गुप्ता के साहित्यिक एवं शोध योगदान को सम्मानित भी किया जाएगा।
साहित्यकारों से समारोह में पहुंचने का आग्रह
प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी से संबद्ध साहित्यकारों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र दुबे एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने सभी संबद्ध साहित्यकारों से समारोह में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन केवल किसी पुस्तक का विमोचन भर नहीं, बल्कि शोध, साहित्य और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। बिलासपुर के साहित्यिक परिदृश्य में भी इस आयोजन को एक उल्लेखनीय अवसर के रूप में देखा जा रहा है।







