बिलासपुर। परंपरा, संस्कार और प्रतिभा का अद्भुत संगम उस वक्त देखने को मिला जब सरयूपारिण विप्र खारंग संघ द्वारा ग्राम नगोई (बेमा) में दो दिवसीय सामूहिक व्रतबंध संस्कार, वार्षिक सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 28 बटुकों के उपनयन संस्कार के साथ शुरू हुआ यह आयोजन पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। शोभायात्रा ने बढ़ाई भव्यता, समाज ने दिखाई एकजुटता संस्कार के पश्चात खारंग परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों…
✍ डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ( त्वचाविज्ञान आधारित बहु-बुद्धिमत्ता परीक्षण विशेषज्ञ एवं मानसिकमाप परामर्शदाता ) यह लेख महावीर के दार्शनिक चिंतन को एक अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमान के रूप में विश्लेषित करता है। इसमें वैदिक, उपनिषदिक, ब्राह्मणीय, जैन तथा आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टियों के बीच एक समन्वित और समालोचनात्मक वैचारिक ढाँचा निर्मित किया गया है। लेख यह प्रतिपादित करता है कि अहिंसा, चेतना और अनेकांतवाद केवल आध्यात्मिक मुक्ति के साधन नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक युग के नैतिक, पर्यावरणीय और मनोवैज्ञानिक संकटों के समाधान हेतु एक…