CG: जानिए, आपके जिले के प्रभारी सचिव कौन हैं?

छत्तीसगढ़ के जिलों में विकास कार्यों की निगरानी के लिए प्रभारी सचिव नियुक्त

CG। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने सभी जिलों में जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रभारी सचिवों की नियुक्ति की है। ये सचिव संबंधित जिलों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करेंगे और हर महीने एक रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेंगे।

प्रभारी सचिवों की भूमिका

प्रभारी सचिवों को हर महीने कम से कम एक बार अपने प्रभार जिले का दौरा करना होगा। इस दौरान वे योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे, ताकि समयबद्ध और प्रभावी तरीके से कार्य संपन्न हो सके। उनका उद्देश्य प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और योजनाओं को गति देना है।

प्रभारी सचिवों की सूची

सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न जिलों के लिए निम्नलिखित अधिकारियों को प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है:

धमतरी: रेणु जी पिल्ले (अपर मुख्य सचिव)
दुर्ग: सुब्रत साहू (अपर मुख्य सचिव)
रायपुर: ऋचा शर्मा (अपर मुख्य सचिव)
बिलासपुर: मनोज कुमार पिंगुआ (अपर मुख्य सचिव)
महासमुंद: निहारिका बारिक (प्रमुख सचिव)
जांजगीर-चांपा: सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव)
कोरबा: रोहित यादव (सचिव)
बस्तर: डॉ. कमलप्रीत सिंह (सचिव)
बलौदाबाजार-भाटापारा: परदेशी सिद्धार्थ कोमल (सचिव)
राजनांदगांव: अविनाश चंपावत (सचिव)
कबीरधाम: प्रसन्ना आर. (सचिव)
जशपुर: अम्बलगन पी. (सचिव)
रायगढ़: रजत कुमार (सचिव)

जांजगीर-चांपा: सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव)
कोरबा: रोहित यादव (सचिव)
बस्तर: डॉ. कमलप्रीत सिंह (सचिव)
बलौदाबाजार-भाटापारा: परदेशी सिद्धार्थ कोमल (सचिव)
राजनांदगांव: अविनाश चंपावत (सचिव)
कबीरधाम: प्रसन्ना आर. (सचिव)
जशपुर: अम्बलगन पी. (सचिव)
सारंगढ़-बिलाईगढ़: सुश्री आर. शंगीता (सचिव)
रायगढ़: रजत कुमार (सचिव)
नारायणपुर: राजेश सुकुमार टोप्पो (सचिव)
कोरिया: एस. प्रकाश (सचिव)
बालोद: अंकित आनंद (सचिव)
बेमेतरा: डॉ. सी. आर. प्रसन्ना (सचिव)
सूरजपुर: भुवनेश यादव (सचिव)
मुंगेली: एस. भारतीदासन (सचिव)
अन्य जिलों के प्रभारी सचिव
कांकेर: सुश्री शम्मी आबिदी (सचिव)
गरियाबंद: हिमशिखर गुप्ता (सचिव)
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: मो. कैसर अब्दुलहक (सचिव)
बलरामपुर-रामानुजगंज: यशवंत कुमार (सचिव)
कोंडागांव: भीम सिंह (सचिव)
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी (सचिव)
सुकमा: नरेन्द्र कुमार दुग्गा (सचिव)
सक्ति: श्रीमती किरण कौशल (आयुक्त)
दंतेवाड़ा: सौरभ कुमार (संचालक)
सरगुजा: सुनील कुमार जैन (संचालक)
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: जयप्रकाश मौर्य (विशेष सचिव)
बीजापुर: सारांश मित्तर (विशेष सचिव)
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: रमेश कुमार शर्मा (प्रबंध संचालक)

मुख्यमंत्री का उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदेश के समग्र विकास और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बेहद जरूरी है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले और कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

यह निर्णय राज्य में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और मजबूत करने और विकास कार्यों को गति प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • Related Posts

    CG: सदन में गूंजा 100 एकड़ का मामला, लेकिन बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की विज्ञप्ति में ये बड़े सवाल गायब!

    बिलासपुर। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा विधानसभा में उठाया गया जमीन फर्जीवाड़ा मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। विधायक ने नगर निगम, नगर एवं ग्राम निवेश (TCP) और राजस्व विभाग के अफसरों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। करीब 100 एकड़ जमीन पर टुकड़ों में ले-आउट पास कराने और सेवाभूमि को EWS के नाम पर स्वीकृत करने की बात कही। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में 50 शिकायतों की पुष्टि की और जांच कमेटी गठन का आश्वासन दिया।…

    Continue reading
    “संकल्प 2026: विकास का विज़न या वोट का समीकरण?”

    छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जब 1.72 लाख करोड़ का बजट पेश किया, तो साफ था कि यह सिर्फ आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह बजट “SANKALP” थीम के साथ आया है — यानी वादों को जमीन तक पहुंचाने का दावा। अब सीधे मुद्दे पर आते हैं — यह बजट छत्तीसगढ़ वासियों के लिए कितना फायदेमंद और कितना जोखिम भरा है?  किसान: सरकार का सबसे बड़ा दांव…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *