बिलासपुर: डॉ. विनय कुमार पाठक को मिला NHICF बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सम्मान

प्रतिभाओं का सम्मान गौरव की बात : तोखन साहू

बिलासपुर। न्यूज़ हब इनसाइट केयर फ़ाउंडेशन, बिलासपुर द्वारा आयोजित विचार, विमोचन एवं सम्मान समारोह लखीराम ऑडिटोरियम में गरिमामयी वातावरण और राष्ट्रीय स्तर की भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पधारे माननीय तोखन साहू, केन्द्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार , की उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्त्व प्रदान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ. विनय कुमार पाठक, पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) ने की। साथ ही समाजसेवा के क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियां अनिल टाह, प्रवीण झा, बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दिलीप यादव तथा समारोह भूषण न्यायमूर्ति चन्द्रभूषण वाजपेयी, शिवसेना नेत्री रेवती यादव, भारतीय वायु सेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन संजय कुमार पांडे, वाय श्रीनिवास और भारतीय थल सेना स्पेशल फ़ोर्स  के पूर्व पैरा कमांडो पुरषोत्तम कुमार चन्द्रा  ने विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच को शोभायमान किया।

आयोजन की रूपरेखा

फाउंडेशन के फाउंडर पंकज खंडेलवाल ने स्वागत उद्बोधन में फाउंडेशन की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि –बिलासपुर और अंचल की कला, साहित्य और समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साधकों का सम्मान करना हमारे लिए गर्व का विषय है। यह क्षण हमारे सभी प्रयासों का फल है।

मुख्य अतिथि का संदेश

तोखन साहू ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा –
समाजसेवा के प्रति समर्पण ही राष्ट्रसेवा का मार्ग है। ऐसे प्रतिभावानों का सम्मान करना हमारे लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अभियान को प्रत्येक नागरिक को आत्मसात करना चाहिए। ऐसे आयोजनों से समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।

विशिष्ट विचार एवं अध्यक्षीय संबोधन

 अध्यक्ष डाॅ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि सम्मानित व्यक्तियों के प्रयास समाज और साहित्य की उन्नति के लिए आदर्श हैं।
महाराष्ट्र से पधारे विद्वान डाॅ. सुरेश माहेश्वरी (अमलनेर) ने कहा – “साहित्य की हर विधा का सम्यक आलोचनात्मक अध्ययन आवश्यक है, तभी हम उसकी गहराई तक पहुँच सकते हैं।”
न्यायमूर्ति चन्द्रभूषण वाजपेयी ने आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
सुप्रसिद्ध समाजसेवी अनिल टाह ने कहा – “NHICF द्वारा किया गया यह प्रयास सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला है। इससे प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी।”
 समाजसेवी प्रवीण झा ने कहा – “इस तरह के आयोजन से समाज में सकारात्मकता और उत्साह का संचार होता है। स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का यह कदम सराहनीय है।”
सुरेन्द्र वर्मा, महासचिव NHICF नेशनल प्रेस क्लब ने कहा – “पत्रकारिता और समाजसेवा का मेल ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है। फाउंडेशन का यह आयोजन न केवल सम्मानित विभूतियों के लिए गौरव है बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।”

सम्मानों की झलक

इस राष्ट्रीय सम्मान समारोह में अनेक विभूतियों को अलंकृत किया गया –

डाॅ. विनय कुमार पाठक – NHICF Book of World Record सम्मान (39 वर्ष की आयु में पीएचडी और डी-लिट की दोहरी उपाधि हेतु)
डाॅ. सुरेश माहेश्वरी, अमलनेर (महाराष्ट्र) – साहित्य शिरोमणि सम्मान (व्यंग्यलोचन पर महत्वपूर्ण स्थापना हेतु)
शिवप्रताप साव– शीर्ष समाजसेवी सम्मान
डाॅ. श्याम लाल निराला – शिक्षा शिरोमणि सम्मान
डाॅ. के.के. भंडारी – लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
धर्मभूषण डाॅ. श्रीधर गौरहा – अध्यात्म भूषण सम्मान

इसके अलावा अनेक विभूतियों को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिनमें **डाॅ. प्रदीप निर्णेजक, डाॅ. किरण राठौर, क्षमा सिंह, दारा सिंह राजपूत, राजेन्द्र अग्रवाल राजू, मीना मिश्र, कंडाला श्री निवास राव, डाॅ. दीनदयाल यादव, डाॅ. राहुल भागवत संदानशिव, डाॅ. जगदीश कुलदीप, मनोज कुमार पटेल, डाॅ. अनीता सिंह, डाॅ. गजेन्द्र तिवारी, शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, प्रो. राम नारायण पटेल, तनिष्क वर्मा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, सीता सोंथालिया, अनुपमा कुमारी, अलिशा शेख, अक्षिता अदिति तिवारी, हसीना बानो हुसैन, मुनस्सिर हुसैन, कविता शर्मा, डाॅ. श्वेता कुर्रे, देवर्षि ठाकुर, प्रेम नारायण मौर्य, श्रेयांश बुधिया, श्यामसुंदर तिवारी, राजेश खरे, प्रिंस वर्मा, मिस मैरी जॉन, प्रशांत पांडे, लोकेश पूजा बौद्ध* आदि शामिल रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने समा बाँध दिया।

मास्टर तनिष्क वर्मा, वंदिता साहू और सागर साहू ने मधुर गीतों से समां बांधा।
श्रुति दास (रायगढ़) ने मोहक ओडिसी नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
अनुपम शुक्ला ने गिटार पर अद्भुत प्रस्तुति दी।

भव्य समापन

समारोह में शहर एवं अंचल के साहित्यकारों, समाजसेवियों और नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को अभूतपूर्व बना दिया। कार्यक्रम का संचालन आकर्षक अंदाज़ में डाॅ. किरण राठौर एवं शगुफ्ता परवीन ने किया।

लखीराम सभागार में हुआ यह समारोह न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गया। यह आयोजन आने वाले समय में शहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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